✨ 24 एकादशी के नाम और उनका महत्व (Ekadashi Vrat Names and Significance) ✨
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सनातन धर्म में, एकादशी व्रत भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित सबसे पवित्र दिन माना जाता है। वर्ष में आने वाली कुल 24 एकादशियाँ, अपने नाम के अनुरूप विशिष्ट और चमत्कारी फल देती हैं—चाहे वह मोक्ष हो, संतान सुख हो या पापों से मुक्ति। यह संपूर्ण सूची आपको बताएगी कि हर एकादशी का व्रत आपके जीवन में सुख, समृद्धि और वैभव कैसे ला सकता है।
🕉️ एकादशी व्रत का सामान्य महत्व
- यह व्रत सभी पापों का नाश करता है और मृत्यु के बाद मोक्ष का मार्ग खोलता है।
- माना जाता है कि एकादशी का व्रत करने से हजारों गौदान, अश्वमेध यज्ञ और समस्त तीर्थों की यात्रा के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।
- व्रती को सुख, शांति, धन-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
🌟 24 एकादशियों के नाम और उनका फल
यहाँ वर्षभर आने वाली प्रमुख 24 एकादशियों के नाम और उनका संक्षिप्त महत्व दिया गया है:
| क्र. | एकादशी का नाम | महत्व और प्राप्त होने वाला फल |
|---|---|---|
| 1 | उत्पन्ना एकादशी | एकादशी माता की उत्पत्ति का दिन, सभी पापों का नाश करने वाली। |
| 2 | मोक्षदा एकादशी | मोक्ष की कामना करने वालों के लिए सर्वश्रेष्ठ। |
| 3 | सफला एकादशी | सभी कार्यों में सफलता और सौभाग्य देने वाली। |
| 4 | पौष पुत्रदा एकादशी | संतान (विशेषकर पुत्र) की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए। |
| 5 | षटतिला एकादशी | तिल के दान और उपयोग से स्वर्ग की प्राप्ति। |
| 6 | जया एकादशी | प्रेत योनि से मुक्ति और सभी कष्टों का निवारण। |
| 7 | विजया एकादशी | जीवन के हर क्षेत्र में विजय दिलाने वाली। |
| 8 | आमलकी एकादशी | हजार गौदान का फल देने वाली। |
| 9 | पापमोचिनी एकादशी | सभी तरह के पापों से मुक्ति दिलाने वाली। |
| 10 | कामदा एकादशी | सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली। |
| 11 | वरुथिनी एकादशी | सौभाग्य और वरदानों की प्राप्ति। |
| 12 | मोहिनी एकादशी | मोह-माया के बंधन से मुक्ति दिलाने वाली। |
| 13 | अपरा एकादशी | अपार धन, पुण्य और पापों के नाश का फल। |
| 14 | निर्जला एकादशी | यह एक व्रत सभी 24 एकादशियों का फल देता है। |
| 15 | योगिनी एकादशी | शारीरिक कष्टों और श्रापों से मुक्ति। |
| 16 | देवशयनी एकादशी | भगवान विष्णु इस दिन से चार मास के लिए शयन करते हैं। |
| 17 | कामिका एकादशी | तीर्थों में स्नान और दान से भी अधिक पुण्य देने वाली। |
| 18 | श्रावण पुत्रदा एकादशी | संतान सुख के लिए बहुत खास। |
| 19 | अजा एकादशी | विपत्तियों और कष्टों का नाश करके जीवन में सुख लाती है। |
| 20 | परिवर्तिनी एकादशी | भगवान विष्णु इस दिन करवट बदलते हैं। |
| 21 | इंदिरा एकादशी | पितरों को स्वर्ग लोक में स्थान दिलाने वाली। |
| 22 | पापांकुशा एकादशी | सभी प्रकार के पापों को नियंत्रण में लाकर नष्ट करती है। |
| 23 | रमा एकादशी | सुख, ऐश्वर्य और माता लक्ष्मी की कृपा दिलाती है। |
| 24 | देवउठनी एकादशी | भगवान विष्णु का शयन से जगना, सभी मांगलिक कार्य शुरू होते हैं। |
🍚 एकादशी व्रत के सामान्य नियम
एकादशी का व्रत दशमी तिथि (एक दिन पहले) से शुरू होकर द्वादशी तिथि (एक दिन बाद) तक चलता है।
- दशमी के दिन: सूर्यास्त से पहले भोजन करें, व्रत का संकल्प लें।
- एकादशी के दिन: अन्न (चावल, दाल, अनाज) का सेवन न करें। फल, दूध, साबूदाना आदि ही ग्रहण करें।
- द्वादशी के दिन (पारण): सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले व्रत का पारण करें।
🙏 **जय श्री हरि विष्णु! एकादशी व्रत की महिमा अपार है।** 🙏
